शुक्रवार, 2 मार्च 2012

कुछ तो बात है

आज फिर से चली है  पुरवाई
आज फिर याद तुम्हारी आई
आज फिर अहसास अजीब सा दिल में उठा है...कुछ तो बात है


आज फिर दिल में उठा उमंगो का तूफ़ान
आज फिर मारा मेरी चाहतो ने उफान
आज फिर एक प्यारा सा कांटा चुभा है...कुछ तो बात है


ये हवाएं जरुर तुझे छूके आईं होगी
एक पल के लिए ही सही याद तुझे भी मेरी आईं होगी
कुछ उम्मीद आज फिर से जगी है...कुछ तो बात है


लाख छुपाये तू जज्बात ज़माने से
मैं जानता तेरे अनकहे एहसासों को
इन एहसासों में आज फिर मेरा दिल रमा है...कुछ तो बात है

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